देहरादून। उत्तरकाशी के सिलक्यारा में साढ़े 4 किलोमीटर की निर्माणाधीन टनल में भू धसाव के बाद टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए जहां कई प्रयास किए जा रहे हैं,वहीं टनल के निर्माण को लेकर बरती गई अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठ रहे है,लेकिन कांग्रेस के द्वारा एक आरोप ऐसा लगाया जा रहा है,जो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लिए गए फैसले की अनदेखी का है।
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में साढ़े 4 किलोमीटर की निर्माणाधीन टनल में भू धसाव के बाद 41 श्रमिकों सकुशल बाहर निकलने को लेकर कई प्रयास किया जा रहे हैं वहीं टनल के निर्माण में बरती गई अनियमितताए भी सवालों के घेरे में है,वहीं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के द्वारा एक ऐसा आरोप और कुछ सवाल केंद्र सरकार से पूछे गए हैं, जिनकी यदि अगर अनदेखी न हुई होती तो श्रमिकों को पहले दिन ही टनल से बाहर निकाल लिया जाता,धस्माना का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सिलक्यारा टनल में स्केप चैनल को भी मंजूरी प्रदान की गई थी,लेकिन सिलक्यारा में टनल निर्माण के साथ स्केप चैनल नहीं बनाई गई जिस वजह से श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए कई प्रयास किए जा रहे है,लेकिन अगर स्केप चैनल बना होता तो पहले दिन ही श्रमिकों को बाहर निकाल लिया जाता। इसलिए लिए केंद्र सरकार के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से वह सवाल पूछते है कि जब टनल निर्माण के साथ स्केप चैनल बनाए जाने को पीएम की अध्यक्षता में मंजूरी मिली थी तो फिर स्केप चैनल बनी क्यों नहीं।
कुल मिलाकर सवाल बड़ा है कि यही सिलक्यारा टनल के साथ स्केप चैनल को मंजूरी मिली थी तो स्केप चैनल बना क्यों नहीं,यह वास्तव में जांच का भी विषय है।,ऐसे में देखना यही होगा कि वास्तव में केंद्र सरकार इन पहलुओं को भी परखने के काम करेगी कि आखिर सिलक्यार में टनल के निर्माण के साथ स्केप चैनल क्यों नहीं बना। साथ ही धस्माना ने कहा की टनल मे फसे श्रमिक सकुशल बाहरआए।

