माणा एवलांच हादसे में 8 श्रमिकों की मौत

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Chamoli Avalanche: उत्तराखंड के चमोली जनपद के माणा गांव में बीते शुक्रवार यानी 28 फरवरी को बड़ा हादसा हुआ। एवलांच की चपेट में आने से 54 मजदूर दब गए। सेना आईटीबीपी और अन्य दलों को मजदूरों को बाहर निकालने के लिए लगाया गया। हालांकि अब रेस्क्यू अभियान पूरा हो गया है। जिसमें 54 में सें 46 श्रमिकों को जिंदा बाहर निकाला गया। तो वहीं इस हादसे में आठ श्रमिकों की जान चली गई। हालांकि अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या पुरानी परंपरा का पालन कर इस हादसे को होने से बचाया जा सकता था?

चारों लापता श्रमिकों के शव बरामद (Chamoli Avalanche Update)

आज लापता चारों श्रमिकों के शव बरामद हो गए है। जिससे अब मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। बता दें कि टोटल 54 श्रमिक बर्फ में फंस गए थे।

मृतक मजदूरों की पहचान

हिमस्खल में जिन मजदूरों के आज शव बरामद हुए हैं उनमें से दो उत्तराखंड, एक उत्तरप्रदेश और एक हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था।

  • अनिल कुमार (21) पुत्र ईश्वरी दत्त, ठाकुर नगर, रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड।
  • अशोक (28) पुत्र रामपाल, गंगहोल,  बेनाऊ, फतेपुर, उत्तर प्रदेश।
  • हरमेश (30) पुत्र ज्ञानचंद्र, कुठार, ऊना, हिमाचल प्रदेश।
  • अरविंद (43) पुत्र देवेंद्र कुमार, गोकुल धाम, भगत निवास, न्यू कॉलोनी, क्लेमन टाउन, देहरादून

चमोली के माणा गांव के पास हिमस्खलन (Chamoli Avalanche)

बता दें कि चमोली में भारी बारिश के चलते माणा गांव के पास हिमस्खलन (Chamoli Avalanche) हो गया था। जिसके चलते वहां निर्माण कार्य कर रहे 54 मजदूर फंस गए थे। अपडेट में रेस्क्यू टीम ने पूरे 54 श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया है। जिसमें से 46 लोग जिंदा हैं।

तो वहीं आठ श्रमिकों की मौत हो गई। लापता हुए चारों श्रमिकों के शव मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान भी पूरा हो गया है। बता दें कि रेस्क्यू में सेना के चार हेलिकॉप्टर्स के अलावा ITBP, BRO, SDRF और NDRF के करीब 200 से ज्यादा जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए थे।

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