अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो स्थानों पर ध्वस्तीकरण

 

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर।                                                   

एमडीडीए क्षेत्र में बिना स्वीकृति के हो रहे किसी भी निर्माण या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा -बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति के हो रहे किसी भी निर्माण या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दिशा में मंगलवार को सख्त कार्रवाई की गई।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की टीम ने सिमला बाईपास और सेलाकूई क्षेत्र में चल रही दो बड़ी अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। पहली कार्रवाई में नवीन गुप्ता द्वारा मौजा सेरपुर, सिमला बाईपास पर लगभग 15 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को तोड़ा गया। वहीं दूसरी कार्रवाई में रिंकू चौधरी द्वारा निकट इंडियन पब्लिक स्कूल, राजा रोड, सेलाकूई में लगभग 10 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में आम जनता को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्राधिकरण का लक्ष्य नियोजित विकास को बढ़ावा देना और आम नागरिकों को सुरक्षित व सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है।

इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता नितेश राणा, सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है और आगे भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नियमों की अवहेलना करने वालों होगी सख्त कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा की गई यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारा लक्ष्य एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी वातावरण सुनिश्चित करना है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मैं नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति प्राप्त करें और कानून का पूर्ण पालन करें।

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