देहरादून। ‘उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026’ का बीते रविवार को समापन हो गया है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे थे। कार्यक्रम का माहौल उस समय गमगीन हो गया है जब अपने संबोधन के दौरान अचानक सीएम धामी की पत्नी गीता धामी फफक-फफक कर रोने लगी।
मंच पर अचानक फफक-फफक कर रो पड़ी सीएम धामी की पत्नी
देहरादून के परेड ग्राउंड में चल रहे उत्तरायणी महोत्सव के समापन समारोह के दौरान सेवा संकल्प फाउंडेशन की अध्यक्ष और सीएम धामी की पत्नी गीता धामी अपने संबोधन के दौरान अपनी सास का जिक्र कर रो पड़ी। दरअसल गीता धामी अपनी सास के त्याग की बात कर रही थी। उन्होंने कहा कि अगर मेरी सास ने घर नहीं संभाला होता, तो पुष्कर सिंह धामी कैसे निकलते? उन्होंने आजतक एक दिन भी अपना घर नहीं देखा, सिर्फ प्रदेश की सेवा में लगे रहे। ये बोलते-बोलते गीता धामी की आंखों से आंसू छलक पड़े।
सीएम धामी ने नहीं दी लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता: गीता धामी
Geeta dhami ने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों का भी बखान किया। उन्होंने कहा सरकार नकल विरोधी कानून लेकर आई है। इस कानून की वजह से प्रदेश के हजारों नौजवानों को सरकारी नौकरी मिली है। इसके साथ ही उन्होंने यूसीसी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कई लोगों ने ये भी आरोप लगाया था कि UCC के जरिए प्रदेश में लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता दी जा रही है जो धर्म के खिलाफ है। इसी पर गीता धामी ने अपने पति का बचाव करते हुआ कहा की लिव इन रिलेशनशिप को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने मान्यता दी है। सीएम धामी ने तो सिर्फ इसे लेकर नियम कानून बनाए हैं।
मैंने मुख्यमंत्री धामी की मेहनत को सबसे करीब से देखा है: गीता धामी
गीता धामी ने अपने संबोधन में आगे ये भी कहा कि मैं ये सिर्फ एक पत्नी होने के नाते नहीं बोल रही हूं। मेरे आंसू जरूर एक पत्नी के हैं, लेकिन मुख्यमंत्री धामी की मेहनत को मैंने सबसे करीब से देखा है। जैसे ही गीता धामी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा लोग इसे लेकर अलग अलग तरह के रिएक्शन देने लगे।


