2019 से सरकार ने आशाकीय महाविधालयों में शिक्षको की भर्ती पर रोक लगा दी।
महाविद्यालयों में हजारों पद रिक्त चल रहे है, लेकिन सरकार भरने को तैयार नही।
देहरादून के प्रमुख DAV, DBS , MKP और अन्य महाविद्यालयों में कई पद रिक्त है।
सरकार धीरे धीरे सरकारी महाविद्यालयों को समाप्त करना चाहती है-धस्माना।
प्राइवेट संस्थानों को बढ़ावा देने की सरकार की है कोशिश-धस्माना।
Dehradun।उच्च शिक्षा को लेकर आज कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रेसवार्ता कर कई बड़े सवाल खड़े किए हैं,धस्माना ने कहा कि शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत उच्च शिक्षा को पलीता लगा रहे हैं,पहले के समय में उच्च शिक्षा का पठन पाठन उच्च स्तर का था लेकिन आज वह कहीं दिखाई नहीं देता, उन्होंने कहा कि राजधानी देहरादून के सबसे बड़े डीएवी पीजी कॉलेज सहित तमाम प्रतिष्ठित कॉलेजों की हालात खस्ता है,आज शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगाई गई है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है,धस्माना ने कहा उत्तराखंड के सबसे बड़े पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेजों में कई पद रिक्त पड़े हैं। धस्माना ने कहा इसके पीछे का तर्क ये है की सरकार धीरे–धीरे इन कॉलेजों को खत्म करना चाहती है,धस्माना ने कहा हम किसी महाविद्यालय के खिलाफ नहीं है लेकिन आज कोई भी विद्यार्थी किसी प्राइवेट कॉलेज में अगर जाता है तो सरकारी कॉलेजों के मुकाबले दोगुना पैसा देना पड़ता है जोकि बच्चों के भविष्य के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ है,
साथ ही धस्माना ने कहा कि 26 प्राइवेट यूनिवर्सिटी पाईप लाईन में है जो की विधानसभा में एक्ट लाकर उन्हें पास करने वाली हैं।सरकार का मकसद है कि महाविधालयों को बंद कर प्राइवेट यूनिवर्सिटी को बढ़ावा देना है उन्होंने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 15 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करेगा।


