Latest Uttarakhand News

Latest Uttarakhand News

धूमधाम से मनाया जाएगा छठ महापर्व ,छठ-व्रती महिलाओं को पूजन सामग्री व मिष्ठान का वितरण किया।

केवल भारत नहीं बल्कि छठ महापर्व की लोकप्रियता आज विदेशों तक देखने को मिलती है।

छठ पूजा का व्रत कठिन व्रतों में से एक होता है। इसमें पूरे चार दिनों तक व्रत के नियमों का पालन करना पड़ता है।

देहरादून। दिवाली के बाद से ही छठ पर्व की तैयारियां शुरू हो जाती है। दिवाली के 6 दिन बाद छठ महापर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, और झारखंड जैसे राज्यों में इस पर्व की धूम देखने को मिलती है। केवल भारत नहीं बल्कि छठ महापर्व की लोकप्रियता आज विदेशों तक देखने को मिलती है। छठ पूजा का व्रत कठिन व्रतों में से एक होता है। इसमें पूरे चार दिनों तक व्रत के नियमों का पालन करना पड़ता है और व्रती पूरे 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। इस साल छठ व्रत की शुरुआत 5 नवंबर से नहाए खाय के साथ हो रही है। छठ पूजा में नहाय खाय, खरना, अस्ताचलगामी अर्घ्य और उषा अर्घ्य का विशेष महत्व होता है।

कब है छठ पूजा

छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय (मंगलवार)

छठ पूजा का दूसरा दिन, 6 नवंबर 2024- खरना (बुधवार)

छठ पूजा का तीसरा दिन, 7 नवंबर 2024- संध्या अर्घ्य (गुरुवार)

छठ पूजा का चौथा दिन, 8 नवंबर 2024- उषा अर्घ्य (शुक्रवार)

छठ पूजा का महत्व

छठ पर्व श्रद्धा और आस्था से जुड़ा है। जो व्यक्ति इस व्रत को पूरी निष्ठा और श्रद्धा से करता है उसकी मनोकामनाएं पूरी होती है। छठ व्रत, सुहाग, संतान, सुख-सौभाग्य और सुखमय जीवन की कामना के लिए किया जाता है। मान्यता है कि आप इस व्रत में जितनी श्रद्धा से नियमों और शुद्धता का पालन करेंगे, छठी मैया आपसे उतना ही प्रसन्न होंगी।

इसी उपलक्ष में आज गोविंदगढ़, देहरादून में पूर्व पार्षद  चरणजीत कौशल जी के आवास पर पूर्व महानगर अध्यक्ष  लालचंद शर्मा  के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छठ-व्रती महिलाओं को पूजन सामग्री व मिष्ठान का वितरण किया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि प्रीतम सिंह भी शामिल रहे।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार, अमृता कौशल, गुरुचरण कौशल, मोहित मेहता व अन्य वरिष्ठजन रहे मौजूद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *