देहरादून। कुछ व्यक्तियों द्वारा उत्तराखण्ड पावर कारपोरेषन लि0 के सन्दर्भ में उत्तराखण्ड पावर कारपोरेषन लि0 को बदनाम करने हेतु काशीपुर एवं रूडकी क्षेत्रों के अन्तर्गत उद्योगों में विद्युत चोरी के सम्बन्ध में तथ्यहीन एवं भ्रामक आरोप लगाये जा रहे है जो कि पूर्णतः असत्य है ।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में विगत कई वर्षों से उद्योगो के कनेक्शनो को KCC (Key Consumer Cell) के अन्तर्गत उनकी billing की जाती है एवं प्रत्येक उद्योग के बिलिंग के डाटा का विषेशण सम्बन्धित अधिशासी अभियंता स्तर पर प्रत्येंक माह किया जाता है।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में विगत वर्षों में अपने T&D & ATC losses को कम किया है एवं भारत सरकार द्वारा जारी किये गये। विभिन्न सर्वेक्षणों में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को प्रथम तीन से चार उत्कृष्ट राज्यों में स्थान दिया गया है । यह सब इसलिए हो पाया कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की कार्यक्षमता दिन व दिन वेहतर हो रही है ।
भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं यथा RDSS Scheme की AMISP & LOSS REduction वर्तमान में कार्यशील है एवं इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य T&D & AT&C Losses को कम करना है एवं इनके कम करने के मानक भारत सरकार द्वारा निर्धारित किये गये है ।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के स्टार पर पिछले तीन वर्ष के T&D एवं AT&C losses का विवरण निम्न प्रकार हैं

को इसी प्रकार उधमसिंहनगर एवं हरिद्वार जिलों में भी T&D एवं AT&C Losses कमी आई हैं
उपरोक्त आकडों से एवं परिलक्षित है कि विभिन्न व्यक्तियों द्वारा लगाये गये आरोप सत्य नही है ।
उधमसिंहनगर एवं हरिद्वार जिले Law & Order की दृष्टि से संवेदनशील है जिस कारण यहॉं आये दिन विद्युत चोरी को रोकने हेतु की गयी कार्यवाही पर लोगो द्वारा अभद्रता एवं मारपीट कियें जाने के प्रकरण विगत वर्षों में संज्ञान में आये है ।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड स्तर पर विजिलेन्स द्वारा विद्युत चोरी रोकने हेतु विगत 5 वर्शो में की गयी कार्यवाही का विवरण निम्न प्रकार है।

इसके अतिरिक्त उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लि0 के विभिन्न खण्डों द्वारा समय-समय पर सूचना मिलने पर सम्बन्धित खण्डों द्वारा विद्युत चोरी की चैकिगं करते हुए कार्यवाही की जाती हैं ।












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