विभिन्न क्षेत्रों में हुयी अभूतपूर्व प्रगति के लिये यूपीसीएल टीम की प्रशंसा की गई।
प्रबन्ध निदेशक द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि वर्तमान में यूपीसीएल भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं के तहत प्रदेश भर में विद्युत वितरण क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ एवं मजबूत बनाने जा रहा है
देहरादून।दिनांक 25 नवम्बर, 2024 को मुख्यालय में यूपीसीएल की 120वीं निदेशक मण्डल की बैठक मुख्य सचिव एवं अध्यक्षा, यूपीसीएल, राधा रतूडी की अध्यक्षता में आहूत की गई थी जिसमें सचिव ऊर्जा, सभी निदेशकों, स्वतंत्र निदेशकों एवं प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल के साथ अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में यूपीसीएल द्वारा प्रस्तुत किये गये मुख्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई तथा अध्यक्षा, यूपीसीएल द्वारा गत वित्तीय वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में हुयी अभूतपूर्व प्रगति के लिये यूपीसीएल टीम की प्रशंसा की गई। सचिव ऊर्जा द्वारा बिलिंग दक्षता एवं संग्रहण दक्षता में हुये सुधार एवं ए०टी०एण्डसी0 हानियों को कम किये जाने हेतु यूपीसीएल के प्रयासों की सराहना की गई। साथ ही स्वतंत्र निदेशक वी०पी० पाण्डे द्वारा विगत वर्षों में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन एवं इनोवेटिव पावर पर्चेज स्ट्रेटजी के फलस्वरूप ACS-ARR अन्तर को कम करने के लिये यूपीसीएल द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण कदमों के लिये प्रशंसा व्यक्त की गई।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व तथा प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल के निर्देशों एवं प्रयासों के फलस्वरूप यूपीसीएल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधारात्मक रणनीति को अपनाकर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की है जिनकी निदेशक मण्डल की बैठक में प्रशंसा की गई, ऐसे मुख्य उपलब्धियों का विवरण निम्नवत् हैः–
1. यूपीसीएल द्वारा इनोवेटिव पावर पर्चेज स्ट्रेटजी अपनाते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष रिकार्ड 22 प्रतिशत कम रेट पर शार्ट टर्म मार्केट से सस्ती बिजली प्राप्त करने हेतु सराहना की गई। बाजार से सस्ती बिजली प्राप्त करने से उपभोक्ताओं को बिजली टैरिफ को कम किया गया है जिसके फलस्वरूप प्रदेश भर में कम दरों पर सुचारू विद्युत आपूर्ति प्रदान किया जा पाना सम्भव हो पाया है।
2. यूपीसीएल द्वारा औसतन शार्ट टर्म पावर पर्चेज मूल्य में हुई घटोत्तरी से ओवरऑल पावर पर्चेज रेट भी वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 5.48 प्रति यूनिट से 2.92 प्रतिशत घटकर गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू0 5.32 प्रति यूनिट हुई है।
3. यूपीसीएल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष कुल रू0 1093.82 करोड़ (12.79 प्रतिशत) अधिक राजस्व प्राप्ति करने के लिये सराहना की गई। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक राजस्व प्राप्ति रू0 9905 करोड़ की गई।
4. यूपीसीएल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिलिंग दक्षता (86.11 प्रतिशत) में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष 0.49 प्रतिशत अधिक बढ़ोत्तरी हुईं हैं
5. यूपीसीएल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में संग्रहण दक्षता (99.14 प्रतिशत) में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष 0.15 प्रतिशत अधिक बढ़ोत्तरी हुई है।
6. यूपीसीएल द्वारा बिलिंग एवं संग्रहण दक्षता में सुधार के परिणाम स्वरूप ए०टी०एण्डसी० हानियों को लगातार 15.25% (2022–23) के स्तर से 0.61 प्रतिशत से कम करते हुए 14.64% (2023-24 ) के स्तर पर लाया गया जिस हेतु सराहना की गई।
7. यूपीसीएल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन के चलते ACS-ARR अन्तर में 88 प्रतिशत (0.78 प्रति यूनिट से घटकर 0.09 प्रति यूनिट) की उल्लेखनीय कमी प्राप्त करने हेतु सराहना की गई।
प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल द्वारा अवगत किया गया कि उपर्युक्त उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा मुख्य सचिव एवं अध्यक्षा, यूपीसीएल एवं सचिव ऊर्जा के निर्देशों एवं प्रयासों के फलस्वरूप हो पाना सम्भव हो पाया है तथा विभाग की सराहना हेतु आभार व्यक्त किया है। प्रबन्ध निदेशक द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि वर्तमान में यूपीसीएल भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं के तहत प्रदेश भर में विद्युत वितरण क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ एवं मजबूत बनाने जा रहा है तथा योजना के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है। आगामी वर्षों में कार्यों के सफल क्रियान्वयन होने से उपभोक्ताओं को और अधिक उच्च गुणवत्ता की विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति प्रदान की जायेगी। साथ ही भविष्य में विद्युत हानियों को सिंगल डिजिट के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।


