केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को वर्ष 2022 में स्वर्णमंडित किया गया था।
पूर्व अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने सभी आरोपों को सिरे से किया खारिज
देहरादून। केदारनाथ धाम के गर्भगृह को स्वर्णमंडित करने का मामला एक बार फिर राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा नेता एवं बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेन्द्र अजय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जबकि गर्भ ग्रह में स्वर्णमंडित का मामला गढ़वाल कमिश्नर विनयशकर पांडे ने अपनी रिपोर्ट में पेश कर दिया है
केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को वर्ष 2022 में स्वर्णमंडित किया गया था। तभी से सोने और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर विवादों का सिलसिला जारी है।
वहीं दूसरी ओर, पूर्व अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल बार-बार एक ही बातें दोहराते हैं और बिना किसी प्रमाण के मीडिया में सनसनी फैलाने का काम कर रहे हैं।
अजेन्द्र अजय का कहना है कि अगर गणेश गोदियाल के पास कोई सबूत है तो वे सक्षम प्राधिकरण या अदालत में जाएं। उन्होंने बताया कि अब गणेश गोदियाल की चुनौती स्वीकार कर ली गई है और जल्द ही उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही कहा कि केदारनाथ धाम के नाम पर वह मीडिया में बने रहना चाहते है ,लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हर के कारण वह पार्टी से अलग थलग हो चुके है ,इसलिए गणेश गोदियाल बौखलाए हुए है
इस तरह के आरोपों ने एक बार फिर केदारनाथ धाम को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। वहीं भाजपा इसे निराधार और राजनीतिक हताशा से प्रेरित कह रही है।


