बहस में बॉबी पंवार की petition को पैसा वसूल लिटिगेशन बताया!
बॉबी पवार ने यूपीसीएल के MD को बताया था भ्रष्ट अधिकारी
देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने सरकार एवं सरकार द्वारा नियुक्त महाअधिवक्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अनिल यादव के खिलाफ दायर जनहित याचिका पूरी तरह से ठोस साक्ष्यों पर आधारित थी, के बजाय उसके पक्ष में खड़े होकर भ्रष्ट अधिकारी अनिल यादव को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बॉबी पंवार प्रेस वार्ता में भ्रष्टाचार से जुड़े सभी दस्तावेज़ों और प्रमाणों के साथ आए, ताकि जनता और पत्रकारों को तथ्यों के आधार पर सच से अवगत कराया जा सके।
वहीं बात करें तो कि बॉबी पंवार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक PIL उच्च न्यायालय में दायर की गयीं। वकीलों की बहस में यह बात आयी कि बॉबी पंवार कि petitiion पैसा वसूल पेटिशन हैँ ना कि पब्लिक interest लिटिगेशन पेटिशन। माननीय उच्च न्यायलय द्वारा बॉबी पंवार की पेटिशन को ख़ारिज (dispose) कर दिया गया। अब बॉबी पंवार द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर भ्रष्टाचार सम्बंधित तथाकथित सबूतों की बात कही जा रही हैँ जबकि यदि सबूत सच्चे हैँ तो न्यायलय के समक्ष क्यों नहीं रखे जा रहे।
अब बॉबी पंवार द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर भ्रष्टाचार सम्बंधित तथाकथित सबूतों की बात कही जा रही हैँ जबकि यदि सबूत सच्चे हैँ तो न्यायलय के समक्ष क्यों नहीं रखे जा रहे? उच्च न्यायलय के समक्ष बॉबी पंवार द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर शासकीय अधिवक्ता, विभागीय वकील, बॉबी पंवार के वकीलों
ने अपना अपना पक्ष रखा एवं लगाए जा रहे आरोपों की सतर्कता एवं कार्मिक विभाग (उत्तराखंड शासन), विजिलेंस विभाग द्वारा जांच की जा चुकी हैँ एवं आरोप तथ्यों से परे पाए गए हैँ।किया बॉबी पवार अब अपनी राजनीति चमकाने के लिए प्रेस कांफ्रेंस कर रहे है और मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है ?


