कर्मचारी बोले— 2006 के बाद नहीं हुआ ढांचे का पुनर्गठन
14 वे दिन भी उत्तराखण्ड राज्यकर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया
उत्तराखण्ड राज्यकर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर राज्य कर विभाग, ने देहरादून में कर्मचारियों ने मंगलवार को भी काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध जारी रखा। कर्मचारियों ने राजकीय कार्य करते हुए सरकार के समक्ष अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर 14 वे दिन भी विरोध दर्ज कराया। राज्य कर विभाग देहरादून के अध्यक्ष महिमा कुकरेती एवं शाखा मंत्री निशा जुयाल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया, जिसमें विभाग के सभी स्तर के कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
कर्मचारी बोले— 2006 के बाद नहीं हुआ ढांचे का पुनर्गठन
कर्मचारियों ने बताया कि विभाग में वर्ष 2006 के बाद से अब तक कर्मचारियों के ढांचे का पुनर्गठन नहीं किया गया है, जबकि इसी अवधि में अधिकारियों के संवर्ग का कई बार पुनर्गठन कर पदों में वृद्धि की गई है।
राज्य कर विभाग में अधिकारियों के संवर्ग के स्वीकृत पदों की संख्या 481 है, जबकि कर्मचारियों के संवर्ग की संख्या मात्र 777 है। यह संरचना सरकारी कार्यालयों के मानकों के विपरीत है, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों की तुलना में कर्मचारियों के पद संरचना असंतुलित होने के कारण कार्यभार अधिक और पदोन्नति की संभावनाएं सीमित हैं।
साथ ही राज्य कर अधिकारियों की DPC 22 अगस्त को होने के उपरांत भी अभी तक सूची जारी नहीं हो पाई जिससे कर्मचारी राज्य कर के पद पर पदोन्नति नहीं हो पाए।
मुख्य मांगें:
इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
(1) अधिकारियों की तर्ज पर कर्मचारी ढांचे का पुनर्गठन।
(2) राज्य कर अधिकारियों की नियमावली एवं समान्यांतर्गत पदोन्नति की व्यवस्था।
(3) परित्याग नियमावली से विभाग को अवमुक्त करने की मांग।
(4) सरकारी आवास की समुचित व्यवस्था।
इस दौरान राज्य कर मिनिस्टर स्टाफ एसोसिएशन की प्रांतीय अध्यक्ष जगनमोहन नेगी, प्रांत के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश शर्मा, प्रांतीय प्रवक्ता सुनील निरंजन, एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे


