नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों के बीच फफक कर रो पड़े विरेंद्र पोखरियाल

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  • नथुवावाला में सांस्कृतिक जन सम्मेलन में सुप्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों पर झूमे लोग।               
  • कांग्रेस मेयर प्रत्याशी विरेंद्र पोखरियाल बोले- राज्य की लड़ाई।         

देहरादून। कांग्रेस ने प्रचार के आखिरी दिन मंगलवार को नथुवावाला में आयोजित सांस्कृतिक जन सम्मेलन में सुप्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों के बीच राज्य आंदोलन की लड़ाई को याद कर कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी विरेंद्र पोखरियाल फफक-फफक रो पड़े। उन्होंने कहा राज्य आंदोलन के दौर में जो सपने उत्तराखंड को लेकर देखे थे, आज वह भ्रष्टाचार और घपले घोटलों की भेंट चढ़ गया है। युवाओं की नौकरी बेची जा रही है। बहन अंकिता हत्याकांड जैसी वारदातों ने महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।                                                                       इससे पहले सांस्कृतिक जन सम्मेलन ने लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने अपने गीतों से समा बांध दी। हजारों की संख्या में जुटी भीड़ नेगी के गीतों पर नाचते नजर आए। नेगीदा के साथ आए कलाकारों ने गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दी और तालियां बटोरी। लोकगायक और कोरियोग्राफर अनिल बिष्ट ने भी गीतों के जरिए प्रस्तुति दी। वहीं, कोरस में लोकगायब नरेंद्र सिंह नेगी की धर्मपत्नी उषा नेगी ने भी गीत गाए। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार गणेश खुगशाल गणी ने किया।नेगीदा के गीतों के बीच में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी विरेंद्र पोखरियाल कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो जनसमूह ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। मंच से नेगीदा और अनिल बिष्ट के गीत चल रहे थे तो दर्शक दीर्घा में मेयर प्रत्याशी विरेंद्र पोखिरयाल जनसमूह से भेंट कर रहे थे।

इसके बाद मंच पर पहुंचे विरेंद्र पोखिरयाल ने राज्य आंदोलन के दौरान नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों को याद किया। साथ ही 1994 के आंदोलन में अपनी भूमिका के साथ ही महिला शक्ति और युवाओ की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य एक लंबे संघर्ष के बाद मिला है। लाठियां गोलियां खाई। मातृ शक्ति के साथ जिस तरह की घटना रामपुर तिराहा में हुई। उससे आज भी कलेजा फट आता है। उन्होंने खुद के जेल यात्राओं का जिक्र किया और आज के हालात पर बोलते हुए वह मंच पर ही रोने लगे। उन्हें बाकी नेताओं ने संभाला तो इसके बाद उन्होंने उस दौर में अपनी मां की कही बातों का जिक्र किया कि किस तरह पूरे आंदोलन के दौरान पुलिस उनके घर पर आकर मां-पिता को डराती और धमकाती थी। ऐसे आंदोलन में रहने वाले हर शख्स के साथ हुआ। लेकिन आज जो हालात हैं वह बहुत दुखद हैं। युवाओं के सपनों के साथ धोखा हो रहा है। पोखरियाल ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ मेयर का नहीं है बल्कि सरकार को जवाब देने का भी है और युवाओं और महिलाओं के हक की लड़ाई को आप लोगों की ताकत के साथ सड़कों पर उतर कर लड़ेंगे।

  • इस मौके पर नथुवावाला, बालावाला, राझांवाला, हर्रावाला, नकरौंदा के कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों के अलावा पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, महेंद्र नेगी गुरुजी, डोईवाला के विधानसभा प्रत्याशी गौरव चौधरी, धीरेंद्र प्रताप, डॉ.प्रदीप जोशी, गरिमा दसौनी, हेमा पुरोहित, लालचंद शर्मा, ओम प्रकाश सती बब्बन, सुजाता पाल, महेश जोशी समेत अन्य मौजूद रहे।

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