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क्या भाजपा के नेताओं पर भी होगी कारवाई?-गरिमा

 

उत्तराखंड _भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा कांग्रेस के नेता के घर में पाई गए धन को लेकर जो प्रेस वार्ता की गई है उस पर उत्तराखंड कॉन्ग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने पलट वार किया है। उन का साफ कहना है कि साहू का यह निजी मामला है, जांच का विषय है जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है।दसौनी ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद अगर साहू भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो उन्हें पहले कुछ नेताओं की तरह क्लीन चिट दे दी जाएगी। उन्होंने कहा की भाजपा के नेता आज देश को आश्वासन दें कि अगर धीरज साहू कुछ समय बाद भाजपा में शामिल होते हैं, तो उन्हें क्लीन चिट नहीं मिलेगी। दसौनी ने कहा की हमने महाराष्ट्र में 70,000 करोड़ रुपये का घोटाला देखा है और जैसे ही घोटाले में संलिप्त लोग भाजपा में शामिल हुए, हर कोई इसे भूल गया।
इतना ही नहीं हेमंत बिस्वा शर्मा जैसे कई सांसद और विधायक हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार किया,बाद में गद्दारी करके भाजपा के खेमे में शामिल हो गए और उनके विरुद्ध चल रही सभी कार्रवाई बंद हो गई। तो ऐसा ही धीरज साहू के मामले में न किया जाए कि जैसे ही वह भाजपा में शामिल हो जाएं तो गंगा नहा लें।
दसौनी ने कहा की कुछ दिन पहले रिश्वत लेते पकड़े गए कर्नाटक के भाजपा विधायक के एक नौकरशाह बेटे के घर की तलाशी के बाद लगभग 6 करोड़ रुपये की नकदी मिली है।लोकायुक्त की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने भाजपा विधायक मदल विरुपक्षप्पा के बेटे प्रशांत मदल के घर पर छापा मारा और नकदी का बड़ा ढेर पाया। मदल विरुपक्षप्पा राज्य के स्वामित्व वाली कर्नाटक साबुन और डिटर्जेंट लिमिटेड (केएसडीएल) के अध्यक्ष हैं. यह प्रसिद्ध मैसूर सैंडल साबुन बनाती है. उनका बेटा बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) में मुख्य लेखाकार हैं
इतना ही नहीं पी जैन नाम के व्यक्ति पर उत्तर प्रदेश में छापा मारा गया पहले बताया गया कि यह व्यक्ति समाजवादी पार्टी जुड़ा है बाद में पता लगता है कि वह व्यक्ति जिसके यहां छापा मारा गया वह समाजवादी पार्टी से नहीं बीजेपी का ही नेता है जिसके यहां से 200 करोड रुपए से अधिक नगदी बरामद हुई।

दसौनी ने जानकारी देते हुए बताया की यूपी के कानपुर में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर इनकम टैक्स के छापों को लेकर इन दिनों काफी चर्चा है। छापेमारी में उनके पास से 257 करोड़ कैश मिले हैं। पीयूष जैन को टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

दसौनी ने बताया की छापेमारी को लेकर एक अन्य अधिकारी ने जानकारी दी कि पीयूष जैन के कई अलग-अलग ठिकानों पर गुरुवार से ही कार्रवाई शुरू हुई। जिसमें सोने और चांदी समेत कुल 257 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।
जिस इत्र व्यापारी का संबंध कल तक विपक्ष के नेताओं से जोड़ा जा रहा था। अब उसी इत्र व्यापारी को सरकार के अफसरों द्वारा बचाए जाने की खबर आ रही है। इत्र कारोबारी पीयूष जैन के आनंदपुरी स्थित आवास से 177.45 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई थी।
दसौनी ने बताया की हतप्रभ करने वाली बात यह है की डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने पीयूष जैन की इस नकदी को टर्नओवर की रकम मान लिया है। इस बात की पुष्टि डीजीजीआई की ओर से कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों से हुई है।

डीजीजीआई की इस करतब से पीयूष जैन सिर्फ पेनाल्टी की रकम अदा कर आसानी से जमानत पा सकते हैं। कुल मिलाकर बात ये है कि सरकार के अधिकरियों ने केस कमजोर कर दिया, जिसका सीधा फायदा पीयूष जैन को होने वाला है।

दसौनी ने कहा की केस को कमजोर क्यों किया गया? किसके कहने पर किया गया? क्या पीयूष जैन को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है… ये सभी सवाल उठ तो रहे हैं लेकिन जवाब नहीं मिल पा रहा है। क्या महेंद्र भट्ट इन बातों का जवाब दे सकते हैं?

 

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