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अर्ध कुंभ को लेकर तैयारीया तेज, मंत्री ने दिए निर्देश,नदियों का चैनेलाइजेशन समय से करें पूरा

 

समय से करें नदियों का चैनेलाइजेशन: सतपाल महाराज

सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में सिंचाई मंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश।

देहरादून। हरिद्वार में 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ मेले को देखते हुए नदियों का चैनेलाइजेशन, स्ट्रांम वाटर मास्टर ड्रेनेज सिस्टम का कार्य समयबद्ध ढंग से किया जाये। विभागीय कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए खाली पड़े पदों को भी शीघ्रता से भरा जाये।

उक्त बात प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन में सिंचाई विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला के तहत निक्षेप (डिपोजिट) मद के अंतर्गत राज्य संपत्ति, शिक्षा, उद्यान आदि विभागों के निर्माण कार्यों के साथ-साथ स्थाई प्रकृति के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए और हरिद्वार स्थित पंत द्वीप जमीन पर यदि कहीं कोई अतिक्रमण है तो उसे तुरंत हटवाया जाए।

देहरादून शहर की 11 लाख की आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल उपलब्ध होगा

सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के समीक्षा बैठक के पश्चात सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देहरादून स्थित सौंग बांध जिसकी लागत 2069.64 करोड़ है उसके निर्माण कार्य हेतु अभी तक 274.20 करोड़ की धनराशि और मुक्ति की जा चुकी है। इस परियोजना से देहरादून शहर की 11 लाख की आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि 3678.23 करोड़ की लागत की जमरानी बांध परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के तहत अब तक 989.96 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

सिंचाई मंत्री महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 2025-26 में सिंचाई विभाग को 242 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश में 449.25 करोड़ की लागत से नहरों व नलकूपों के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य गतिमान है और जल संचयन, संवर्धन, पेयजल तथा सिंचाई हेतु जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। लघु सिंचाई के तहत राज्य में छोटे चेक डैम, तालाब एवं एवं रिचार्ज शाफ्ट का कार्य किया जा रहा है। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत डीजल 40 पंपों को सोलर में परिवर्तित किया जा रहा है। अभी तक इस योजना के तहत 2139 डीजल पंप सेट को सोलर पंप सेट में परिवर्तित किया गया है। नाबार्ड वित्त पोषित योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 89.47 करोड़ की नई योजनाओं की स्वीकृत प्राप्त हुई है, इस धनराशि से 415 चेक डैम 43 सोलर पंप सेट, 149103 पाईप, 59 हौज एवं 9.32 किमी गूल का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन का भी कार्य किया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में सिंचाई समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल, सिंचाई सचिव युगल किशोर पंत, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सुभाष पाण्डे, लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता बी.के. तिवारी सहित सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद थे।

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