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शिक्षक द्वारा कथित छेड़छाड़ एवं स्कूल के निदेशक द्वारा को छात्रा को डराने धमकाने एवं अभद्र व्यवहार करने के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया

15 छात्राओं द्वारा स्कूल के प्राचार्य को लिखित शिकायत दिए जाने का मामला बेहद गंभीर है:विनीत प्रसाद भट्ट

स्कूल शिक्षा का मंदिर और शिक्षक बच्चों के भविष्य का मार्गदर्शक होता है:भट्ट

देहरादून। आज देहरादून के समर वैली पब्लिक स्कूल में छात्राओं के साथ शिक्षक द्वारा कथित छेड़छाड़ एवं स्कूल के निदेशक द्वारा छात्रा को डराने धमकाने एवं अभद्र व्यवहार करने के मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पीसीसी सदस्य एवं प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जाँच, शिकायतकर्ता छात्राओं की सुरक्षा तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग उठाई।

इस अवसर पर विनीत प्रसाद भट्ट ने कहा कि सामने आई जानकारी के अनुसार, 15 छात्राओं द्वारा स्कूल के प्राचार्य को लिखित शिकायत दिए जाने का मामला बेहद गंभीर है। यदि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं ने शिकायत की है, तो स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इस मामले को किसी भी स्तर पर दबाने, शिकायतों की अनदेखी करने अथवा छात्राओं पर दबाव बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

भट्ट ने कहा कि एक छात्रा के परिजनों ने स्कूल निदेशक पर शिकायत के बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, निदेशक ने छात्रा से कहा, “मुझे छूकर दिखाओ, किस प्रकार से शिक्षक ने तुम्हें छुआ?” यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह अत्यंत गंभीर और संवेदनशील विषय है। किसी भी शिकायतकर्ता छात्रा के साथ ऐसा व्यवहार उसकी गरिमा और मानसिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। इसलिए शिक्षक के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष जाँच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा का मंदिर और शिक्षक बच्चों के भविष्य का मार्गदर्शक होता है। अभिभावक अपने बच्चों को इस भरोसे के साथ विद्यालय भेजते हैं कि वहाँ उन्हें शिक्षा के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलेगा। यदि शिक्षण संस्थानों में ही छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगें, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। बेटियों की सुरक्षा केवल स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की माँगों और मामले की गंभीरता को सुनते हुए निष्पक्ष जाँच कराने तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

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