Latest Uttarakhand News

Latest Uttarakhand News

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने परम मित्र के Tempo को बचाने के लिए सेबी का इस्तेमाल Fuel की तरह कर रहे हैं :- सुरेन्द्र राजपूत।

सेबी की देरी और समझौतापूर्ण कार्रवाइयों ने इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और करोड़ों छोटे निवेशकों को जोखिम में डाल दिया है।

अडानी समूह को सार्वजनिक स्वामित्व वाली संपत्तियों पर अनियमित रूप से पट्टे का विस्तार करना, बहुत ही कम कीमत पर।

सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया है।

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून मे पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपने पूंजीपति साथियों पर देश की जनता की कमाई लुटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने मित्रों के व्यवसाय को बचाने के लिए सेबी जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके A1 दोस्त, अडानी ने मेगा अडानी घोटाले से खुद को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की! अडानी मेगा घोटाले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जांच की मांग हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्टों द्वारा किए गए खुलासे से कहीं आगे जाती है। अडानी समूह से संबंधित घोटाले और घपले राजनीतिक अर्थव्यवस्था के हर आयाम में फैले हुए हैं।

सरकारी बैंकों और संस्थाओं, खास तौर पर एसबीआई और एलआईसी द्वारा अडानी के शेयर खरीदने में दिखाया गया असाधारण पक्षपात खुलेआम सामने आया। उन्होंने मुंद्रा में अडानी कॉपर प्लांट, नवी मुंबई में एयरपोर्ट और यूपी-एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट समेत प्रमुख परियोजनाओं को भी ऋण दिया।

उन्होंने कहा कि अडानी झारखंड में बिजली पैदा करने और बांग्लादेश को आपूर्ति करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से कोयला आयात करता है। यह एकमात्र कंपनी है जिसे बिजली खरीद समझौते के माध्यम से ऐसा करने की अनुमति है जो बहुत विवादास्पद रहा है। अब कंपनी को भारत में ही उस बिजली को बेचने की अनुमति दी गई है।

सुरेंद राजपूत ने कहा कि भारत ने कोलंबो के वेस्ट कंटेनर टर्मिनल पर 35 साल का पट्टा हासिल किया। श्रीलंकाई कैबिनेट प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने अडानी पोर्ट्स को भागीदार के रूप में “नामांकित” किया है। श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने 5 मार्च 2023 को दिए एक साक्षात्कार में इसे “सरकार से सरकार” बंदरगाह परियोजना बताया।

किस आधार पर प्रधानमंत्री ने इस सरकार से सरकार सौदे के लिए अडानी पोर्ट्स को “चुना” और “नामांकित” किया? क्या किसी अन्य भारतीय फर्म को निवेश करने का अवसर मिला।

अत्यधिक देरी:

सेबी ने अडानी के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य दो महीने के बजाय 18 महीने का समय लिया और यह अभी भी पूरा नहीं हुआ है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, महामंत्री नवीन जोशी, प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, सोशल मीडिया प्रभारी अमरजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *