देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत कई बार अपने बयानों में कहते हैं की कोई भी सरकारी अस्पताल का डॉक्टर बाहर की दवाइयां नहीं लिखेगा मगर देहरादून के जिला अस्पताल में इसके उलट मामला देखने को मिल रहा है जहां दून अस्पताल के डॉक्टर मरीज को बाहर की दवाइयां लिखते हैं जिससे मरीजों को खास परेशानियों का सामना करना पड़ता है दून अस्पताल में कम कीमत पर अपना इलाज करवाने आये मरीज़ों को अक्सर अस्पताल परिसर के बाहर किसी केमिस्ट से दवाई लेने का परचा थमा दिया जाता है जिसके चलते मरीज़ों को मजबूरन महंगे रेट पर दवाइयाँ खरीदनी पड़ती है।
सीएमएस अनुराग अग्रवाल के अनुसार कई बार कुछ दवाइयाँ अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाती हैँ जिसके चलते बाहर से दवाइयाँ। डॉक्टर लिख देते हैँ हालांकि सीएमएस अग्रवाल ने जन औषधि केंद्रों से दवाई खरीदने के लिए मरीज़ों से अपील भी की है ताकि कम रेट पर उन्हें दवाइयाँ उपलब्ध हो सके। सीएमएस अनुराग अग्रवाल ने बताया क़ि ऐसा बहुत कम होता है क़ि दवाइयाँ अस्पताल परिसर और जन औषधि केंद्रों में कोई दवाई उपलब्ध ना होने पर बाहर किसी अन्य केमिस्ट से दवाई लिखी जाये,फिर भी यदि कोई डॉक्टर लगातार ऐसा कर रहा है तो उसका संज्ञान लेकर जरूरी कार्यवाही भी की देखना होगा की स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग इस पर कितनी गंभीरता दिखाते हैं और जो डॉक्टर बाहर से दवाइयां लिख रहे हैं उन पर क्या कार्यवाही करते हैं।

