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डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ उत्तराखंड ने व्यापार में बढ़ते हुए कंपनियों के दबाव और स्टॉक के प्रेशर के ऊपर चिंता व्यक्त की

 

डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ उत्तराखंड की एक वार्षिक आम सभा का आयोजन 

यह संस्थान न केवल डिस्ट्रीब्यूटर्स का हित देखती है बल्कि जरूरत पड़ने पर कंपनियों का साथ भी देती है:राजेश सिंघल

देहरादून। दिनांक 27 मार्च 2025 को डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ उत्तराखंड की एक वार्षिक आम सभा एक निजी होटल देहरादून में संपन्न हुई। सभा की शुरुआत संस्था के महासचिव कमलजीत शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गान से की गई।

संरक्षक श्री राजेश सिंघल ने बताया इस संस्था की शुरुआत 5 साल पहले हुई थी तो उसके बाद से लेकर आज तक का सफर किस प्रकार से रहा, जिसमें बजाज आलमंड ऑल कंपनी, हिंदुस्तान युनिलीवर लिमिटेड , पेडिग्री कंपनी के वितरकों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ एकजुट होकर किस प्रकार से संस्था आगे बड़ी और आज संस्था उत्तराखंड में प्रथम स्थान पर है। यह संस्थान न केवल डिस्ट्रीब्यूटर्स का हित देखती है बल्कि जरूरत पड़ने पर कंपनियों का साथ भी देती है।

इसका सारा श्रेय देहरादून के डिस्ट्रीब्यूटर्स की एकता को जाता है।

व्यापार में बढ़ते हुए कंपनियों के दबाव और स्टॉक के प्रेशर के ऊपर चिंता व्यक्त की गई और तय किया गया की डिस्ट्रीब्यूटर्स अधिकतम मासिक बिक्री के 5 से 7 दिन का स्टॉक अपने पास गोदाम में रखेगी। बाजार में पिछले 5 महीने से जो मंदी बाजार में दिखाई दे रही है उस पर गहन चिंतन किया गया।

बैठक में इस बात का भी जिक्र किया गया कि शहर में ब्लिंकइट , जेप्टो जैसी कंपनियों की मकड़ जाल वाली चाल की बात की गई । क्योंकि इन कंपनियों के माध्यम से ग्राहक को घर बैठे सामान की प्राप्ति हो रही है।
पर इसके जो दूरगामी परिणाम होंगे, व उनसे उत्पन्न विसंगतियां , तथ्यों, पर विस्तार से चर्चा की गई
1. युवा पीढ़ी को घर बैठकर सामान समान पहुंचने से इस पीढ़ी को कामचोर बनाने का श्रेय इन ऑनलाइन कंपनियों को है।

2. उत्तराखंड राज्य में पर्यटन और जीएसटी से कलेक्शन होता है। ऑनलाइन कंपनियों नुकसान में माल बेचने की वजह से जीएसटी जमा नहीं करती होगी जिससे उत्तराखंड राज्य को आर्थिक नुकसान होगा।

3. ये कंपनियां उत्तराखंड के बेरोजगार युवकों को अपने साथ न लगाकर बाहर के, दूसरे प्रदेशों के युवकों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। जिससे उत्तराखंड के युवा और उत्तराखंड के राजस्व का नुकसान होना लाजमी है।

सरकार से मांग की गई कि इस बारे में जल्दी इसको अपने संज्ञान में लेकर कोई ठोस कदम से उत्तराखंड के राजस्व को और उत्तराखंड के बेरोजगार युवकों को इन कंपनियों से हो रहे नुकसान से  बचाया जा सके। सभा में उपस्थित सभी वितरक सदस्य से उनके सुझाव और समस्याओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गई, और उनका निवारण किया गया। यह भी तय किया गया की जो समस्याओं का निवारण नहीं हो पाया उनको आगामी कार्यकारिणी सभा में चर्चा कर कर उनका समाधान निकाला जायेगा।

संरक्षक राजेश कुमार सिंघल, संजीव अग्रवाल, अध्यक्ष  विवेक अग्रवाल, वरिष्ठ उप प्रधान विवेक सिंघल, उपप्रधान सुधीर अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अजय गर्ग उपाध्यक्ष गोपाल गर्ग, सुधीर अग्रवाल, प्रवीण वाधवा, अनिल कुमार भोला, मुकेश गुप्ता, अजय अग्रवाल, क्षितिज अग्रवाल, शुभम गर्ग, अजय मित्तल आदि उपस्थित रहे।

 

 

 

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