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आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना पर एमडीडीए की बड़ी पहल, 3 नवंबर से प्रभावित भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी शुरू

 

एमडीडीए का लक्ष्य, यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो- बंशीधर तिवारी

परंपरा के संग आधुनिकता का संगम बनेगा आढ़त बाजार : मोहन सिंह बर्निया

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर आज प्राधिकरण सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की, जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

निर्माण की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा

लेखपाल नजीर अहमद ने आढ़त बाजार के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति से सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और शेष कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है। *सचिव मोहन सिंह बर्निया* ने कहा कि आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के पुराने व्यापारिक ढांचे को नया जीवन देने की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारा प्रयास है कि सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरे हों, ताकि व्यापारियों व आमजन को शीघ्र ही इसका लाभ मिल सके।

भू-स्वामियों के आवंटन व भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन भू-स्वामियों की पत्रावलियाँ किसी न्यायिक प्रक्रिया या वाद-विवाद में लंबित नहीं हैं, और जिनका स्वामित्व विधिवत सिद्ध हो चुका है, उन्हें शीघ्र ही भू-खण्ड आवंटन एवं धनराशि वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

3 नवंबर से रजिस्ट्री कार्य शुरू करने के निर्देश

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 नवंबर 2025 से रजिस्ट्री कार्य प्रारंभ किया जाए। इसके तहत पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी, जिससे परियोजना के अगले चरणों को गति मिल सके।

15 दिनों में स्वयं ध्वस्तीकरण का शपथ पत्र अनिवार्य

बैठक में निर्णय हुआ कि रजिस्ट्री से पूर्व प्रत्येक भू-स्वामी से एक शपथ पत्र (अफिडेविट) लिया जाएगा, जिसमें यह उल्लेख होगा कि रजिस्ट्री की तिथि से 15 दिनों के भीतर वे अपने प्रभावित निर्माणों को स्वयं ध्वस्त करेंगे।यदि निर्धारित अवधि में ऐसा नहीं किया जाता, तो एमडीडीए, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे। इस प्रक्रिया में भू-स्वामी को किसी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं होगी।

शहरी विकास और पुनर्गठन की दिशा में कदम-मोहन सिंह बर्निया

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल भौतिक ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि पुराने व्यापारिक क्षेत्र को नई ऊर्जा और पहचान देना है। हम देहरादून के केंद्र में एक ऐसा आधुनिक बाजार विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय पहचान को बनाए रखते हुए सुविधाजनक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित हो। एमडीडीए के अनुसार, इस परियोजना को पारदर्शिता, जनसुविधा और समयबद्ध क्रियान्वयन की भावना से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि शहर का यह ऐतिहासिक क्षेत्र नई पहचान के साथ पुनर्जीवित हो सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस पहल को देहरादून के विकास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ व्यापारिक ढांचे को नई दिशा देगी। यह एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों में किसी भी नागरिक को असुविधा न हो और सभी प्रक्रियाएँ न्यायसंगत ढंग से पूरी हों। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो।

बैठक में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, टीम-ए के सहायक अभियंता राजेन्द्र बहुगुणा, टीम-B के सहायक अभियंता निशांत कुकरेती अपनी टीम के सदस्यों के साथ उपस्थित रहे।

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