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विलुप्त होती उत्तराखंड की राज्य मछली के लिए आगे आया यूजेवीएन लिमिटेड

यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा गोल्डन महाशिर हैचरी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एक सराहनीय पहल 

देहरादून। यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा उत्तराखंड राज्य में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए निरंतर किए जा रहे प्रयासों के अंतर्गत व्यासी जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में फरवरी 2024 से गोल्डन महाशिर हैचरी का सफल संचालन किया जा रहा है। यह परियोजना देहरादून जनपद में यमुना नदी पर 120 मेगावाट क्षमता की है, जो अप्रैल 2022 से निरंतर विद्युत उत्पादन कर रही है।

गोल्डन महाशिर, जिसे हिमालयन महाशिर के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड की राज्य मछली है तथा यह राज्य की प्रमुख नदियों गंगा, यमुना और कोसी आदि में पाई जाती है। यह मछली एक लुप्तप्राय: श्रेणी की प्रजाति है और इसके संरक्षण के लिए राज्य द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में यूजेवीएन लिमिटेड की यह हैचरी एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल ने जानकारी दी कि यह हैचरी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शीतल जल मत्स्य अनुसंधान निदेशालय, भीमताल के तकनीकी दिशा-निर्देशन में स्थापित की गई है। अब तक इस हैचरी में लगभग 9,000 गोल्डन महाशिर मछलियों का उत्पादन किया जा चुका है। इनमें से 3,000 मछलियों को प्रथम रैचिंग के अंतर्गत व्यासी जलाशय में प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया।
रैंचिंग प्रक्रिया यूजेवीएन लिमिटेड के महाप्रबंधक इन्द्र मोहन करासी तथा चकराता के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु सिंह की उपस्थित में संपन्न हुई।
यूजेवीएन लिमिटेड के महाप्रबंधक इन्द्र मोहन करासी ने बताया कि रैचिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से हैचरी में तैयार मछलियों को प्राकृतिक जलाशयों में छोड़कर उनके प्राकृतिक संवर्धन को प्रोत्साहित किया जाता है। यह तकनीक मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होती है।

प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु सिंह ने यूजेवीएन लिमिटेड की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन विभाग का प्रयास रहेगा कि इन मछलियों को अन्य उपयुक्त जल निकायों में भी छोड़ा जाए, ताकि जलीय जैव विविधता को संरक्षण मिल सके। उन्होंने इसे एंगलिंग स्पोर्ट्स के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशने पर जोर देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में पर्यटन के एक नए स्वरूप को बढ़ावा मिलेगा ।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता शांति प्रसाद भट्ट, रत्नेश बिष्ट, सहायक अभियंता विनोद कुमार सिंह, देवेंद्र चौहान, अवर अभियंता कवींद्र कोटवाल, विजेंद्र कुमार, सत्यम, सोहन सिंह, राजेश कुमार, राकेश तोमर, रितेश तोमर, सुनील, दिनेश पाठक एवं मनोज आदि भी उपस्थिति रहे।

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